🩺 सीपीआर (CPR) क्या है?

🚨 परिचय (Introduction)

अचानक किसी व्यक्ति के सामने हार्ट अटैक (Heart Attack), कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) या सांस रुकने (Breathing Stop) की स्थिति आ जाए, तो ज़िंदगी और मौत के बीच के कुछ सेकंड बहुत अहम होते हैं।
ऐसे में एक साधारण व्यक्ति भी CPR (Cardio Pulmonary Resuscitation) देकर किसी की जान बचा सकता है।

CPR एक इमरजेंसी तकनीक है जिसमें हम छाती पर दबाव (Chest Compression) और मुँह से साँस (Rescue Breathing) देकर व्यक्ति के दिल और दिमाग तक ऑक्सीजन पहुँचाने की कोशिश करते हैं।

❤️ CPR का मतलब और उद्देश्य

C → Cardio (दिल से जुड़ा)

P → Pulmonary (फेफड़ों से जुड़ा)

R → Resuscitation (फिर से जीवित करना)

👉 सीपीआर का मुख्य उद्देश्य है — दिल की धड़कन और साँस रुक जाने पर व्यक्ति को जीवित रखना, जब तक मेडिकल मदद न पहुँच जाए।

🧠 कब दें CPR? (When to Give CPR)

CPR तब दी जाती है जब व्यक्ति:

बेहोश हो और प्रतिक्रिया न दे

साँस न ले रहा हो या बहुत धीमी साँस ले रहा हो

नाड़ी (pulse) महसूस न हो

अचानक गिर गया हो और हिल-डुल न रहा हो

⚠️ अगर व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो CPR न दें। उसे रिकवरी पोजीशन (recovery position) में रखें और एम्बुलेंस बुलाएं।

CPR देने से पहले क्या करें

  1. स्थिति का मूल्यांकन करें (Check Safety):
    जगह सुरक्षित है या नहीं — बिजली, ट्रैफिक, आग आदि से खतरा न हो।
  2. व्यक्ति की प्रतिक्रिया जांचें (Check Response):
    कंधे को हल्के से थपथपाएं और जोर से पूछें — “क्या आप ठीक हैं?”
  3. सांस और नाड़ी जांचें (Check Breathing & Pulse):

मुँह और नाक के पास कान लगाएँ (5–10 सेकंड तक)।

छाती उठती-गिरती दिखे तो व्यक्ति सांस ले रहा है।

नाड़ी महसूस न हो तो CPR शुरू करें।

  1. मदद बुलाएँ (Call for Help):
    तुरंत 108 या 102 पर कॉल करें या आस-पास के लोगों से सहायता मांगें।

🧍‍♂️ CPR Step-by-Step ट्यूटोरियल (For Beginners)

अब जानते हैं CPR के आसान स्टेप्स (Steps) जिन्हें कोई भी व्यक्ति इमरजेंसी में फॉलो कर सकता है।


🩹 STEP 1: व्यक्ति को सही स्थिति में लाएँ

व्यक्ति को सख्त और समतल सतह (Flat Surface) पर लिटाएँ।

उसके कंधे और सिर सीधा रखें ताकि हवा का रास्ता खुला रहे।

उसके मुँह में कोई वस्तु (खाना, उल्टी, दाँत आदि) न हो।


💨 STEP 2: Airway खोलें (Open the Airway)

  • एक हाथ व्यक्ति के माथे पर रखें और सिर को थोड़ा पीछे झुकाएँ।
  • दूसरी हाथ से ठुड्डी को ऊपर उठाएँ — इसे कहते हैं Head-Tilt, Chin-Lift Technique।
  • इससे श्वसन मार्ग (Airway) खुल जाता है।

🫁 STEP 3: सांस जांचें (Check Breathing)

अब 5–10 सेकंड तक मुँह और नाक के पास कान लगाएँ।

अगर सांस नहीं आ रही, तो CPR शुरू करें।

अगर धीमी सांस है, तो ध्यान से मॉनिटर करते रहें और एम्बुलेंस आने तक साथ रहें।


🤲 STEP 4: छाती पर दबाव दें (Chest Compression)

  • 👉 यह CPR का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • व्यक्ति की छाती के बीचोंबीच (निप्पल लाइन के बीच) अपने दोनों हाथ रखें।
  • उँगलियों को लॉक करें और अपनी बाहें सीधी रखें।
  • अब छाती को लगभग 5 सेमी (2 इंच) गहराई तक दबाएँ।
  • हर दबाव के बाद छाती को पूरी तरह ऊपर आने दें।
  • 🕐 गति:
    – 100 से 120 दबाव प्रति मिनट (जैसे गाने “Stayin’ Alive” की बीट पर).

💡 टिप: अगर आप केवल “Hands-only CPR” दे रहे हैं, तो सिर्फ ये प्रेसिंग (Chest Compression) करते रहें जब तक मेडिकल हेल्प न आ जाए।


🫀 STEP 5: Rescue Breathing दें (यदि प्रशिक्षित हों)

अगर आप प्रशिक्षित हैं और तैयार हैं, तो 30 दबाव के बाद 2 साँसें दें:

  1. व्यक्ति की नाक को बंद करें।
  2. अपने होंठ उसके मुँह पर लगाएँ और धीरे-धीरे हवा फूंकें।
  3. उसकी छाती उठती दिखे तो साँस सही जा रही है।
  4. अब फिर से 30 दबाव दें।

👉 इस क्रम को जारी रखें:
30 Chest Compression + 2 Rescue Breaths


🚑 STEP 6: CPR जारी रखें जब तक…

  • CPR देते रहें जब तक कि:
  • व्यक्ति सांस लेने लगे या हिलने-डुलने लगे
  • प्रोफेशनल मेडिकल टीम पहुँच जाए
  • आप थक जाएँ या स्थिति असुरक्षित हो जाए

👶 शिशुओं और बच्चों में CPR (CPR for Infants & Children)

बड़ों की तुलना में बच्चों के लिए CPR थोड़ी अलग होती है।

👶 शिशु (1 साल से छोटे):

  • दो उँगलियों से छाती के बीच में दबाएँ।
  • दबाव की गहराई: लगभग 1.5 इंच (4 सेमी)।
  • 30 दबाव + 2 सांसें।

👧 बच्चे (1–8 साल):

  • एक हाथ से दबाएँ, 5 सेमी गहराई तक।
  • 30 दबाव + 2 सांसें।

⚠️ बच्चों पर अधिक दबाव न डालें। छाती को टूटने से बचाएँ।

Hands-Only CPR (बिना मुँह से साँस दिए CPR)

आजकल अधिकतर गाइडलाइंस में “Hands-Only CPR” की सलाह दी जाती है, खासकर आम लोगों के लिए।

👉 इसका मतलब है कि आप केवल छाती पर दबाव दें, मुँह से साँस देने की आवश्यकता नहीं।

फायदे:

आसान और सुरक्षित

संक्रामक रोगों से बचाव

दिल की धड़कन दोबारा शुरू करने में मददगार

स्टेप्स:

  1. व्यक्ति की छाती के बीच हाथ रखें।
  2. 100–120 बार प्रति मिनट दबाएँ।
  3. तब तक जारी रखें जब तक मेडिकल मदद न मिले।

🚨 CPR करते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Important Tips)

  • CPR करते समय व्यक्ति को हिलाएँ नहीं।
  • हर 30 दबाव के बाद 2 साँसें (अगर प्रशिक्षित हैं)।
  • अगर आप अकेले हैं, तो पहले CPR शुरू करें और फिर मदद बुलाएँ।
  • मोबाइल स्पीकर पर एम्बुलेंस (108/102) से बात करते हुए CPR जारी रखें।
  • कभी भी हार न मानें — हर सेकंड मायने रखता है!

🏥 CPR के बाद क्या करें (After CPR)

  1. जब व्यक्ति सांस लेने लगे, तो उसे रिकवरी पोजीशन में रखें —
    उसे बगल करवाकर सिर पीछे की ओर झुका दें।
  2. उसके सांस और नाड़ी को मॉनिटर करें।
  3. मेडिकल टीम को पूरी जानकारी दें कि आपने क्या-क्या किया।

CPR क्यों सीखना ज़रूरी है?

हर मिनट जिसमें CPR नहीं दी जाती, व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना 10% घट जाती है।

अगर आम लोग CPR देना सीख जाएँ, तो हजारों जानें बचाई जा सकती हैं।


🌍 CPR सीखने के फायदे (Benefits of Learning CPR)

✅ आप किसी की जान बचा सकते हैं
✅ आत्मविश्वास बढ़ता है
✅ परिवार और समाज में सुरक्षा का भाव
✅ इमरजेंसी में घबराहट कम होती है

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